मध्य प्रदेश बोर्ड कक्षा 12वीं की त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 में 16 सितंबर 2026 को संस्कृत / उर्दू विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। इस लेख में कक्षा 12वीं संस्कृत के त्रैमासिक पाठ्यक्रम के आधार पर पूरा अभ्यास प्रश्नपत्र दिया गया है।

संस्कृत विषय के लिए उपलब्ध अंक योजना में 80 अंक और 3 घंटे का प्रश्नपत्र निर्धारित है। प्रश्नपत्र में 32 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न तथा शेष अंक 2, 3 और 4 अंक वाले प्रश्नों में विभाजित हैं।
परीक्षा की जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बोर्ड | माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश |
| कक्षा | 12वीं |
| विषय | संस्कृत |
| परीक्षा | त्रैमासिक परीक्षा 2026-27 |
| परीक्षा दिनांक | 16 सितंबर 2026 |
| दिन | बुधवार |
| समय | दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे |
| समय अवधि | 3 घंटे |
| पूर्णांक | 80 अंक |
| प्रश्नपत्र प्रकार | सैद्धांतिक |
कक्षा 12वीं संस्कृत त्रैमासिक पाठ्यक्रम
त्रैमासिक परीक्षा के लिए अप्रैल से अगस्त तक निर्धारित पाठ्यक्रम में निम्नलिखित पाठ और व्याकरण शामिल हैं:
| माह | पाठ्यक्रम |
|---|---|
| अप्रैल | प्रथमः पाठः – अनुशासनम् तथा पाठगत व्याकरण |
| जून | अनुशासनम् पुनरावृत्ति, द्वितीयः पाठः – मातुराज्ञा गरीयसी, संधि |
| जुलाई | तृतीयः पाठः – प्रजानुरंजको नृपः, चतुर्थः पाठः – दौवारिकस्य निष्ठा, संधि, कारक, संस्कृत साहित्य का इतिहास, शब्दरूप |
| अगस्त | पंचमः पाठः – सूक्ति-सौरभम्, षष्ठः पाठः – नैकेनापि समं गता वसुमती तथा पाठगत व्याकरण |
उपलब्ध 2025-26 के language-group academic-calendar विवरण में भी यही क्रम दिया गया था; 2026-27 की उपलब्ध subject/marks-scheme सामग्री में संस्कृत के 18 question areas और 80-अंकीय संरचना की पुष्टि होती है।
कक्षा 12वीं संस्कृत त्रैमासिक प्रश्नपत्र 2026-27
समय : 3 घंटे
पूर्णांक : 80
सामान्य निर्देश
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रश्नों के अंक उनके सामने दिए गए हैं।
- प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं।
- प्रश्न क्रमांक 6 से 15 तक 2 अंक वाले प्रश्न हैं।
- प्रश्न क्रमांक 16 से 19 तक 3 अंक वाले प्रश्न हैं।
- प्रश्न क्रमांक 20 से 23 तक 4 अंक वाले प्रश्न हैं।
- उत्तर क्रमवार एवं स्पष्ट रूप से लिखिए।
खण्ड – अ : वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. उचित विकल्प चुनकर लिखिए।
(6 × 1 = 6)
- ‘देवालयः’ इत्यत्र कः समासः अस्ति?
(अ) द्वन्द्वः
(ब) तत्पुरुषः
(स) बहुव्रीहिः
(द) अव्ययीभावः - ‘राजपुत्रः’ इत्यत्र कः समासः अस्ति?
(अ) द्वन्द्वः
(ब) कर्मधारयः
(स) षष्ठी तत्पुरुषः
(द) बहुव्रीहिः - ‘रामः विद्यालयं गच्छति’ इत्यत्र ‘विद्यालयम्’ पदे का विभक्तिः अस्ति?
(अ) प्रथमा
(ब) द्वितीया
(स) तृतीया
(द) सप्तमी - ‘गच्छति’ इति पदं कस्मिन् धातोः अस्ति?
(अ) पठ्
(ब) गम्
(स) कृ
(द) भू - ‘शीघ्रम्’ इति पदं किम्?
(अ) संज्ञा
(ब) सर्वनाम
(स) अव्ययम्
(द) विशेषणम् - ‘सूर्यस्य’ इत्यस्य पर्यायपदं किम्?
(अ) भानुः
(ब) निशा
(स) धरित्री
(द) पवनः
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(6 × 1 = 6)
- ‘मातुराज्ञा गरीयसी’ पाठस्य मुख्यभावः ________ अस्ति।
- ‘प्रजानुरंजको नृपः’ पाठे ________ नृपस्य वर्णनम् अस्ति।
- ‘दौवारिकस्य निष्ठा’ पाठे ________ भावः प्रमुखः अस्ति।
- ‘सूक्ति-सौरभम्’ पाठे विविधाः ________ उक्तयः सन्ति।
- ‘नैकेनापि समं गता वसुमती’ इति पाठः ________ सम्बन्धितः अस्ति।
- संस्कृतभाषायां संधिः ________ वर्णयोः मेलः अस्ति।
प्रश्न 3. सत्य अथवा असत्य लिखिए।
(6 × 1 = 6)
- ‘अनुशासनम्’ पाठे अनुशासनस्य महत्त्वं वर्णितम् अस्ति।
- ‘च’ इति अव्ययपदम् अस्ति।
- ‘रामस्य’ षष्ठीविभक्तेः रूपम् अस्ति।
- ‘गत्वा’ इत्यत्र तुमुन् प्रत्ययः अस्ति।
- कारकस्य सम्बन्धः क्रियया सह भवति।
- पर्यायवाची शब्दानां अर्थः समानः अथवा समीपस्थः भवति।
प्रश्न 4. उचित युग्म मिलाइए।
(7 × 1 = 7)
| स्तम्भ ‘अ’ | स्तम्भ ‘ब’ |
|---|---|
| 1. अनु | (अ) क्त्वा प्रत्यय |
| 2. गत्वा | (ब) उपसर्ग |
| 3. रामस्य | (स) षष्ठी विभक्ति |
| 4. च | (द) अव्यय |
| 5. नराः | (इ) प्रथमा बहुवचन |
| 6. देवालयः | (फ) तत्पुरुष |
| 7. सूर्यः | (ग) भानुः |
प्रश्न 5. एकवाक्येन उत्तर दीजिए।
(7 × 1 = 7)
- अनुशासनस्य किं महत्त्वम्?
- मातुराज्ञा का?
- प्रजानुरंजकः नृपः कः?
- दौवारिकः कः?
- सूक्तिः का?
- संधिः का?
- कारकं किम्?
खण्ड – ब : लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(2 अंक)
‘अनुशासनम्’ पाठस्य मुख्यसन्देशं लिखत।
प्रश्न 7.
(2 अंक)
‘मातुराज्ञा गरीयसी’ पाठात् का शिक्षा प्राप्यते?
प्रश्न 8.
(2 अंक)
‘प्रजानुरंजको नृपः’ पाठस्य आधारेण आदर्शराजस्य द्वौ गुणौ लिखत।
प्रश्न 9.
(2 अंक)
‘दौवारिकस्य निष्ठा’ पाठस्य मुख्यभावं लिखत।
प्रश्न 10.
(2 अंक)
‘सूक्ति-सौरभम्’ पाठात् प्राप्ताः द्वे शिक्षे लिखत।
प्रश्न 11.
(2 अंक)
‘नैकेनापि समं गता वसुमती’ पाठस्य संक्षिप्तं भावं लिखत।
प्रश्न 12.
(2 अंक)
कस्यचित् एकस्य सुभाषितस्य भावार्थं लिखत।
प्रश्न 13.
(2 अंक)
निम्नलिखित पदस्य संधिविच्छेदं कुरुत—
विद्यालयः
प्रश्न 14.
(2 अंक)
निम्नलिखित पदस्य समास-विग्रहं कृत्वा समासस्य नाम लिखत—
राजपुत्रः
प्रश्न 15.
(2 अंक)
‘रामः गुरवे पुस्तकं ददाति’ इत्यस्मिन् वाक्ये कर्ता, कर्म तथा सम्प्रदान कारकं लिखत।
खण्ड – स : 3 अंक वाले प्रश्न
प्रश्न 16. गद्यांश पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(3 अंक)
अनुशासनं मानवजीवनस्य भूषणम् अस्ति। अनुशासितः मनुष्यः समयस्य सदुपयोगं करोति। सः स्वकार्यं समये सम्पन्नं कृत्वा जीवनस्य लक्ष्यं प्राप्तुं प्रयत्नं करोति।
- अनुशासनं कस्य भूषणम् अस्ति?
- अनुशासितः मनुष्यः कस्य सदुपयोगं करोति?
- अनुशासितः मनुष्यः किं प्राप्तुं प्रयत्नं करोति?
प्रश्न 17. पद्यांश के आधार पर उत्तर दीजिए।
(3 अंक)
पाठ्यक्रम में निर्धारित किसी एक पद्यांश के आधार पर—
- पद्यांशस्य मुख्यभावं लिखत।
- एकस्य कठिनशब्दस्य अर्थं लिखत।
- पद्यांशात् प्राप्तां शिक्षां लिखत।
प्रश्न 18. नाट्यांश के आधार पर उत्तर दीजिए।
(3 अंक)
पाठ्यक्रम में निर्धारित नाट्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
- कः कथयति?
- कम् प्रति कथयति?
- संवादस्य मुख्यभावः कः?
प्रश्न 19. पाठगत रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(3 अंक)
- अनुशासनं जीवनस्य ________ अस्ति।
- प्रजानुरंजकः नृपः स्व ________ प्रति स्नेहं करोति।
- सूक्तयः मानवजीवनस्य ________ भवन्ति।
खण्ड – द : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 20. अपठित गद्यांश पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(4 अंक)
समयः मनुष्यजीवनस्य अमूल्यं धनम् अस्ति। धनस्य नाशः पुनः प्राप्तुं शक्यते, किन्तु गतः समयः पुनः न आगच्छति। अतः प्रत्येकः विद्यार्थी समयस्य सदुपयोगं कुर्यात्। समयपालनेन जीवनस्य सर्वेषु कार्येषु सफलता प्राप्तुं शक्यते।
- समयः कीदृशं धनम् अस्ति?
- किं पुनः प्राप्तुं शक्यते?
- गतः समयः पुनः आगच्छति वा?
- विद्यार्थी कस्य सदुपयोगं कुर्यात्?
प्रश्न 21. पत्र अथवा आवेदन पत्र लिखिए।
(4 अंक)
प्रधानाचार्यं प्रति त्रिदिनस्य अवकाशार्थं संस्कृतभाषया आवेदनपत्रं लिखत।
अथवा
परीक्षायाः तयारीविषये मित्रं प्रति पत्रं लिखत।
प्रश्न 22.
संकेतों के आधार पर अनुच्छेद / कथा लिखिए।
(4 अंक)
अधोलिखित संकेतों के आधार पर संस्कृतभाषया अनुच्छेदं लिखत—
वृक्षाः → पर्यावरणम् → प्राणवायुः → वर्षा → मानवजीवनम् → वृक्षसंरक्षणम्
अथवा
दिए गए संकेतों के आधार पर संस्कृत में एक लघुकथा लिखिए।
प्रश्न 23.
कवि परिचय लिखिए।
(4 अंक)
पाठ्यक्रम में निर्धारित किसी एक कवि का संस्कृतभाषया संक्षिप्त परिचय लिखत।
अथवा
पाठ्यक्रम में निर्धारित किसी एक लेखक का परिचय लिखत।
परीक्षा की तैयारी कैसे करें
कक्षा 12वीं संस्कृत में केवल पाठ याद करना पर्याप्त नहीं है। समास, संधि, धातुरूप, उपसर्ग, प्रत्यय, पर्याय-विलोम, कारक और विशेषण-विशेष्य जैसे व्याकरणिक topics पर भी अच्छी पकड़ बनाना जरूरी है।
पाठों में खास तौर पर इन पर ध्यान दें:
- अनुशासनम्
- मातुराज्ञा गरीयसी
- प्रजानुरंजको नृपः
- दौवारिकस्य निष्ठा
- सूक्ति-सौरभम्
- नैकेनापि समं गता वसुमती
प्रश्नपत्र की संरचना MP Board की 2026-27 संस्कृत अंक योजना के अनुसार रखी गई है—32 वस्तुनिष्ठ अंक, 20 अंक के लघु प्रश्न, 12 अंक के 3-अंकीय प्रश्न और 16 अंक के 4-अंकीय प्रश्न।
निष्कर्ष
MP Board Class 12 Sanskrit Trimasik Paper 2026-27 की तैयारी करने वाले विद्यार्थी इस प्रश्नपत्र को निर्धारित 3 घंटे में हल करके अपनी तैयारी जांच सकते हैं। इसमें quarterly syllabus के प्रमुख पाठों के साथ grammar, अपठित गद्यांश, पत्र लेखन, अनुच्छेद/कथा लेखन और कवि परिचय को भी शामिल किया गया है।
FAQs
1. कक्षा 12वीं संस्कृत की त्रैमासिक परीक्षा कब है
कक्षा 12वीं संस्कृत की त्रैमासिक परीक्षा 16 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
2. संस्कृत की परीक्षा का समय क्या है
परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक है।
3. संस्कृत का प्रश्नपत्र कितने अंकों का है
उपलब्ध 2026-27 अंक योजना के अनुसार संस्कृत का theory paper 80 अंकों का है और समय 3 घंटे है।
4. संस्कृत के quarterly syllabus में कौन-कौन से पाठ हैं
त्रैमासिक तैयारी के लिए अनुशासनम्, मातुराज्ञा गरीयसी, प्रजानुरंजको नृपः, दौवारिकस्य निष्ठा, सूक्ति-सौरभम् और नैकेनापि समं गता वसुमती जैसे पाठ शामिल हैं।
5. क्या इसमें answers दिए गए हैं
नहीं। विद्यार्थियों को परीक्षा जैसा अभ्यास कराने के लिए इसमें केवल प्रश्न दिए गए हैं।


